पानी की तरह पैसा बहा रही राशन घर पहुंचाने वाली कंपनी, मिली 2500 करोड़ की फंडिंग

 


क्विक-कॉमर्स स्टार्टअप जेप्टो ने हाल ही में ₹2,500 करोड़ की फंडिंग जुटाई है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर ₹18,200 करोड़ हो गया है. हालांकि, कंपनी के लिए चिंता का विषय इसका मासिक कैश बर्न है, जो ₹250 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है. किसी कंपनी द्वारा अपने कैश बैलेंस या रिजर्व को खर्च करने को कैश बर्न कहा जाता है. कैश बर्न बताता है कि कंपनी में आय के मुकाबले उसका कितना पैसा खर्च हो रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, जेप्टोहर महीने ₹250 करोड़ खर्च कर रही है. यह खर्च मुख्य रूप से परिचालन लागत, लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और अन्य आवश्यकताओं पर हो रहा है. इस बढ़ते खर्च ने कंपनी को अपने फंडिंग राउंड्स पर अधिक निर्भर बना दिया है. जिस हिसाब से कंपनी पैसा खर्च कर रही है, फंडिंग में मिली राशि 1 साल से पहले खत्म हो सकती है.

नया फंडिंग राउंड और विस्तार योजना
जेप्टोने यह फंडिंग राउंड प्रमुख निवेशकों की भागीदारी के साथ पूरा किया. टाइगर ग्लोबल और नेक्सस वेंचर जैसे बड़े निवेशकों ने इसमें हिस्सा लिया. प्राप्त ₹2,500 करोड़ का उपयोग कंपनी अपनी ग्रोथ को तेज करने, नई टेक्नोलॉजी में निवेश, और अधिक शहरों में विस्तार के लिए करेगी.

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद मजबूत पकड़
क्विक-कॉमर्स सेक्टर में जेप्टोको स्विगी इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट और डंजो जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. बावजूद इसके, जेप्टोने अपने “10 मिनट डिलीवरी” मॉडल के चलते ग्राहकों के बीच लोकप्रियता बनाए रखी है.

प्रॉफिट पर फोकसहालांकि जेप्टोका राजस्व बढ़ रहा है, कंपनी को प्रॉफिट हासिल करने के लिए लंबा सफर तय करना है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जेप्टोअपने कैश बर्न को नियंत्रित करने में सफल हो जाती है, तो यह सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी बन सकती है.

जेप्टोके लिए आगे का रास्ता
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वे अगले 12-18 महीनों में लाभप्रदता हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. इसके लिए कंपनी अपने खर्चों को सीमित करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है.

निवेशकों की बढ़ती उम्मीदें
फंडिंग राउंड्स की सफलता जेप्टोकी संभावनाओं को दिखाती है. लेकिन निवेशक अब कंपनी से ठोस लाभप्रदता और कैश बर्न को कम करने की उम्मीद कर रहे हैं. क्विक-कॉमर्स के इस तेज़ी से बढ़ते सेक्टर में जेप्टोके पास अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने की अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते कंपनी अपनी वित्तीय रणनीतियों को सही तरीके से लागू कर सके.

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