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कमला पसंद मालिक की नेटवर्थ कितनी? सड़क किनारे पान मशाला से शुरू हुआ सफर, आज अरबों की संपत्ति के मालिक

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  आपके बताए गए व्यापारी — कमल किशोर चौरसिया — (जिनकी कंपनी कमला पसंद / राजश्री पान-मसाला से जुड़ी है) की नेटवर्थ के बारे में मीडिया में जो ताज़ा अनुमान है, वो नीचे है: 💰 उनकी अनुमानित नेटवर्थ कितनी है कई रिपोर्टों के अनुसार, 2025 की स्थिति में कमल किशोर चौरसिया की कुल संपत्ति (उनकी कंपनियों, रियल एस्टेट, अन्य निवेश आदि मिलाकर) करीब ₹1,500–2,000 करोड़ के बीच आंका गया है।  यानी, ये वह व्यक्त‍िगत का आंकड़ा है — न कि सिर्फ कंपनी का — जिसमें उनके कई बिजनेस व अन्य सम्पत्तियाँ शामिल मानी गई हैं।  📦 उनका कारोबार और कंपनी का बाजार आकार — कुछ प्वाइंट्स कमला पसंद / राजश्री ब्रांड पान-मसाले के क्षेत्र में काफी पुराना और स्थापित नाम है। शुरुआत एक छोटे कियोस्क से हुई थी, लेकिन अब इसके निर्माण-यूनिट्स और विस्तार के कारण यह ब्रांड उत्तर भारत में प्रमुख है।  मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इस ब्रांड (या समूह) का बाज़ार हिस्सा, टर्नओवर व मार्केट-शेयर काफी बड़ा है — जिसकी वजह से उनकी समग्र संपत्ति इतनी बड़ी मानी जाती है।  ⚠️ “नेटवर्थ” में कुछ अनिश्चितताएँ भी हैं चूंकि उनकी कं...

Success Story of Viren Khuller 250 करोड़ रुपये का टर्नओवर, फैमिली बिजनस को नई ऊंचाई देने वाला यह शख्स कौन?

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Success Story of Viren Khuller: परिवार के बिजनेस को आगे ले जाना नए कारोबार की तरह ही होता है। नई सोच और इनोवेशन के जरिए विरेन खुल्लर ने अपने फैमिली बिजनेस को नए मुकाम पर पहुंचाया है। 🦷 STIM (स्टिम) — ब्रांड की शुरुआत और विकास STIM असल में एक ओरल-केयर (दाँतों की देखभाल) ब्रांड है, जिसे संचालित करती है कंपनी Global Dent Aids Pvt. Ltd.।  इस कंपनी की नींव 1965 में पड़ी थी, जब इसके संस्थापक (वर्तमान में दिवंगत) V.D. Khuller ने ट्रेडिंग के रूप में ओरल-केयर प्रोडक्ट बेचने शुरू किए। उन्होंने देखा था कि दांतों की देखभाल के साधारण टूथब्रश के अलावा “छोटे-सिर वाले ब्रश” (small-headed toothbrush/interdental brushes) की आवश्यकता है, जो दांतों के बीच की सफाई में मदद करें।  पहले STIM सिर्फ टूथब्रश बेचता था, लेकिन धीरे-धीरे उत्पादों की श्रेणी बढ़ाई गई — फ्लॉस, माउथवॉश, इंटरडेंटल ब्रश, ओरल-केयर किट, आदि।  आज STIM को भारत में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जाना जाता है। कंपनी का दावा है कि उन्होंने 60+ सालों का अनुभव इस उद्योग में अधिग्रहित किया है।  👨‍👩‍👦 परिवार, वृद्धि और अगली पीढ़ी...

विदेश में नौकरी पर लात मारकर लौटीं भारत, फिर शुरू किया Aks Clothing; आज 300 करोड़ का है बिजनेस

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  यहाँ निधी यादव और उनके ब्रांड Aks Clothing की पूरी सफलता कहानी सरल और प्रेरक अंदाज़ में दी गई है: Aks Clothing की फाउंडर निधी यादव की पूरी सफलता कहानी साल 2014 में सिर्फ 25,000 रुपये की शुरुआती पूंजी और एक छोटे से कमरे से शुरू हुई एक महिला उद्यमी की यह कहानी आज भारतीय फैशन इंडस्ट्री की सबसे प्रेरक कहानियों में शामिल है। यह कहानी है निधी यादव और उनके ब्रांड Aks Clothing की। शुरुआत कहाँ से हुई? निधी यादव का जन्म व पालन-पोषण गुरुग्राम में हुआ। पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्हें फैशन से जुड़े कामों में हमेशा दिलचस्पी रही, लेकिन उनकी पहली नौकरी आईटी सेक्टर में थी। इसके बाद उन्हें इटली में स्थित फैशन हाउस "Zara" के डिजाइन स्टूडियो में एक प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिला। यहीं से उन्हें फैशन बिज़नेस, डिजाइन, ग्लोबल ट्रेंड्स और ब्रांडिंग के बारे में गहरा अनुभव मिला। यही अनुभव उनके करियर को पूरी तरह बदलने वाला साबित हुआ। Zara से मिली सीख ने बदल दी दिशा Zara में काम करते हुए उन्होंने समझा कि— फैशन कितनी तेजी से बदलता है ग्राहक किस तरह के कपड़े पसंद करते हैं "Fast Fashion" मॉडल...

AI से जुड़ी कंपनी का आ रहा आईपीओ, सेबी ने दी हरी झंडी

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  भारत की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी- फ्रैक्टल एनालिटिक्स के आईपीओ को सेबी ने मंजूरी दे दी है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी 4,900 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनी अमागी मीडिया लैब्स और स्टेंट मैन्युफैक्चरर सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को भी आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है। आइए आईपीओ की डिटेल जान लेते हैं। मुख्य बिंदु: आईपीओ के तहत फ्रेस्‍ट इशू (नए शेयर) की राशि लगभग ₹1,279.3 करोड़ है।  साथ ही, पहले से मौजूद शेयरहोल्डर्स द्वारा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के माध्यम से लगभग ₹3,620.7 करोड़ की बिक्री होगी।  SEBI ने कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) पर ऑब्ज़र्वेशन लेटर जारी कर दिया है, और अब कंपनी को अपनी RHP (Final Prospectus) जारी करके मार्केट में आईपीओ लॉन्च करना होगा।  यह माना जा रहा है कि Fractal Analytics भारत की AI-फोकस्ड (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंपनियों में सार्वजनिक बाजार में लिस्ट होने वाली पहली कंपनी हो स कती है।  दो और कंपनियां लिस्टिंग को तैयार सेबी ने दो और कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी द...

Exclusive Story: Battery tech startup LOHUM set to raise Rs 1,000 Cr in pre-IPO

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LOHUM की कहानी —  1. शुरुआत और मिशन स्थापना : LOHUM भारत की एक बैटरी टेक कंपनी है, जिसकी शुरुआत बैटरी रिपैकिंग, रीसायक्लिंग और सामग्री (मटेरियल) एक्सट्रैक्शन के क्षेत्र में हुई है। फाउंडर: कंपनी के सीईओ और संस्थापक रजत वर्मा हैं।  मिशन: LOHUM का लक्ष्य बैटरियों को सिर्फ “उपयोग होकर फेंकी जाने वाली वस्तु” न बनें, बल्कि उन्हें कई जीवन देना — यानी बैटरियों का पुनउपयोग, पुनर्रचना (repurposing) और रीसायक्लिंग करना। इससे बैटरी मटेरियल (जैसे लिथियम, कोबाल्ट, निकल) को बचाया जा सके और ऊर्जा संक्रमण (energy transition) को स्थिरता मिले। 2. बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी LOHUM सिर्फ बैटरी पैक बनाने वाली कंपनी नहीं है, बल्कि उसका मॉडल इंटीग्रेटेड बैटरी लाइफसाइकल मैनेजमेंट (Integrated Battery Lifecycle Management) है।  मुख्य घटक : बैटरी रिपैकिंग: LOHUM लिथियम-आयन बैटरियों के सेल्स को इकट्ठा करके बैटरी पैक बनाता है, जिन्हें EV (इलेक्ट्रिक वाहन) या अन्य एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में उपयोग किया जा सकता है।  रीसायक्लिंग : जब बैटरियाँ अपनी पहली लाइफ (उदाहरण के लिए EV में) पूरी कर लें, LOHUM उन...

Stock Split: स्टेनलेस स्टील बनाने कंपनी करने जा रही है स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

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  यूनिसन मेटल्स लिमिटेड द्वारा 1:10 रेशियो में शेयर स्प्लिट करने का मतलब यह है कि:   1:10 शेयर स्प्लिट क्या होता है? अगर आपके पास कंपनी का 1 शेयर है, तो स्प्लिट के बाद वह 10 शेयर बन जाएगा।   उदाहरण मान लीजिए आपके पास अभी 1 यूनिसन मेटल्स का शेयर है जिसकी कीमत ₹1000 है, तो 1:10 स्प्लिट के बाद— आपके शेयर बन जाएंगे: 1 → 10 शेयर एक शेयर की कीमत हो जाएगी: ₹1000 → ₹100 (लगभग) 👉 कुल निवेश वैल्यू समान रहती है। कंपनी शेयर स्प्लिट क्यों करती है? 1. शेयर की कीमत कम करके उसे सस्ता और आकर्षक बनाना 2. ज्यादा छोटे निवेशकों को जोड़ना 3. लिक्विडिटी बढ़ाना – यानि बाजार में शेयर की ट्रेडिंग बढ़ाना 4. कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाना निवेशकों पर असर आपके कुल निवेश पर कोई नुकसान या फायदा नहीं होता शेयर की कीमत कम होने से ट्रेडिंग बढ़ सकती है Unison Metals Ltd. (यूनिसन मेटल्स) का बिज़नेस प्रोफाइल, वित्तीय स्थिति और भविष्य-दृष्टिकोण 1. कंपनी का बिज़नेस मॉडल और प्रमुख गतिविधियाँ स्थापना और बैकग्राउंड यूनिसन मेटल्स की शुरुआत 1990 में हुई थी और यह बाद में पब्लिक कंपनी बनी।  मूल उत्पाद ...

Meesho IPO: मीशो दिसंबर में अपना IPO लॉन्च करने की तैयारी में है और लगभग 52,500 करोड़ रुपये के पोस्ट मनी वैल्यूएशन

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  बहुत बढ़िया सवाल — चलिए Meesho के IPO (Initial Public Offering) की ताज़ा जानकारी और विश्लेषण करते हैं — खासकर उस पोस्ट-मनी वैल्यूएशन (₹ 52,500 करोड़) पर जो आपने बताया है।  Meesho IPO — ताज़ा अपडेट और महत्व 1. IPO का लक्ष्य Meesho दिसंबर 2025 में IPO लाने की योजना बना रहा है।  IPO के ज़रिए कंपनी लगभग ₹ 5,800 – 6,600 करोड़ जुटाने की उम्मीद कर रही है।  इसमें से ₹ 4,250 करोड़ नए शेयर जारी करके जुटाने का प्लान है।  2. पोस्ट-मनी वैल्यूएशन (IPO के बाद कंपनी की वैल्यू ) रिपोर्ट के मुताबिक, Meesho अपना IPO उसी लिस्टिंग के बाद ₹ 52,500 करोड़ के पोस्ट-मनी वैल्यूएशन को लक्ष्य बना रहा है।  यह लगभग $5.93 बिलियन वैल्यूएशन के बराबर बताया गया है।  3. SEBI और वैधानिक अपडेट्स Meesho ने SEBI के पास अपनी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) फाइल किया है।  SEBI की मंजूरी के साथ IPO साइज, शेयर ऑफर-फॉर-सेल (OFS), और अन्य स्ट्रक्चर में बदलाव की संभावनाएँ हैं।  IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Meesho टेक (इन्फ्रास्ट्रक्चर), ब्रांड बिल्डिंग, और सामान्य कॉर्...

Richa Kar इस महिला ने बना दी 1600 करोड़ की कंपनी; आप भी ले सकते हैं सीख

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  Zivame की कहानी — एक प्रेरणादायक सफर 1. शुरुआत ज़िवेम की स्थापना 2011 में हुई थी। इसकी संस्थापक ऋचा कर (Richa Kar) थीं, जिन्होंने महसूस किया कि भारत में बहुत सी महिलाओं को अंडरवियर खासकर ब्रा और लिंजररी खरीदने में असहजता होती है।  उन्होंने यह देखा कि शॉपिंग स्टोर में महिलाओं को “फिट” समझाने वाला कोई भरोसेमंद माहिर हो, साइज विकल्प बहुत सीमित हों, और अक्सर शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती है।  2. शिक्षा और प्रेरणा ऋचा कर ने BITS पिलानी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में NMIMS से MBA किया।  उनका पहले का काम SAP Retail Consultancy में था, जहां उन्होंने विक्टोरिया सीक्रेट जैसी ब्रांड्स का काम देखा और यह महसूस किया कि भारत में महिलाओं के लिए एक खास प्लेटफॉर्म की कमी है जहाँ वे सहज होकर intimate wear खरीद सकें।  3. शुरुआती चुनौतियाँ पैत्रिक विरोध: जब ऋचा ने अपने परिवार को यह आइडिया बताया, तो शुरुआत में खासकर उनकी माँ ने इसकी आलोचना की।  फंडिंग: उन्होंने शुरुआती पूंजी के लिए घर वालों और दोस्तों से ₹ 35 लाख जुटाए।  ऑफिस लेना मुश्किल था: क्योंकि लोग lingerie-बिज...